वाशिंगटन: अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिकी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अदालत के आदेश के अनुपालन में अब तक करीब 100 अरब डॉलर की राशि आयातकों को वापस की जा चुकी है। यह रिफंड उन कंपनियों और आयातकों को दिया गया है, जिन्होंने ट्रंप प्रशासन के दौरान लगाए गए अतिरिक्त शुल्क का भुगतान किया था।
100 अरब डॉलर का भुगतान पूरा, बाकी प्रक्रिया जारी
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 31 जुलाई तक लगभग 128.68 अरब डॉलर के प्रमाणित रिफंड दावों को प्रक्रिया के लिए स्वीकार किया जा चुका था। इनमें से करीब 100 अरब डॉलर का भुगतान पूरा कर ट्रेजरी विभाग के माध्यम से संबंधित आयातकों तक पहुंचाया जा चुका है।
166 अरब डॉलर के टैरिफ का करीब 60 प्रतिशत वापस
यह रिफंड ट्रंप प्रशासन द्वारा इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत लगाए गए लगभग 166 अरब डॉलर के टैरिफ का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा है। यह राशि उन आयातकों को लौटाई जा रही है, जिन्होंने पहले इन शुल्कों का भुगतान किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति के अधिकारों पर उठाया सवाल
पिछले वर्ष व्हाइट हाउस लौटने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने व्यापारिक साझेदार देशों पर दबाव बनाने के उद्देश्य से इस कानून के तहत व्यापक स्तर पर टैरिफ लागू किए थे। हालांकि, इस वर्ष फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह टैरिफ लगाते समय राष्ट्रपति ने अपने अधिकार क्षेत्र की सीमा का उल्लंघन किया।
अदालत के इस निर्णय को ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सेक्टर-विशिष्ट टैरिफ अभी भी प्रभावी बने हुए हैं।
नए कानूनी रास्तों से फिर लगाए गए टैरिफ
अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, फरवरी में आए फैसले के बाद ट्रंप प्रशासन ने कई व्यापारिक साझेदार देशों पर दोबारा टैरिफ लगाने के लिए नए कानूनी प्रावधानों का सहारा लिया है। इन नए कदमों को लेकर भी अदालतों में कानूनी चुनौतियां सामने आ रही हैं।
